Monday, July 31, 2017

खवाइश

काश मैं समय को पलट सकूं..
और ज़िन्दगी को एक बार फिर से  जी लूँ...
काश मैं समय को पलट सकूं..
और हाँ बता सकूं की कितनी प्यारी हो तुम ...
काश मैं समय को पलट सकूं..
और दोहराऊं वो रातों को देर तक तुमसे बतियाना ...
काश मैं समय को पलट सकूं..
और बन के पंछी उड़ता जाऊं दूर गगन में...
काश मैं समय को पलट सकूं..
और देखूं कि सपने सच्चाई बने...
काश मैं समय को पलट सकूं...........
-- नितिन स्याल


खामोश आसमान

खाली आसमान बिना सूरज के बेगाना सा लगा ..
पर खामोश आसमाँन आज सच में अपना सा लगा ....
-- नितिन स्याल 

Sunday, July 30, 2017

ख़ामोशी

मन में दुनिया भर की यादें उथल पुथल कर रहीं हैं ...
कुछ बुरी कुछ भली कुछ शांत कुछ कर्कश ....
कभी आतीं हैं कभी जाती हैं .....
ज्यादातर जाने की लिए ही हैं...
जाने दो जाने दो एक बर्र फिर आने की लिए....
----नितिन स्याल